पंचायत सचिव पर  लगे आरोप, 50 हजार में बेचा पत्नी को जनसुनवाई में कलेक्टर के समक्ष लगाई न्याय की गुहार।

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पंचायत सचिव पर  लगे आरोप, 50 हजार में बेचा पत्नी को जनसुनवाई में कलेक्टर के समक्ष लगाई न्याय की गुहार।

 

आवास योजना में चौटाला करने के राज भी खोले, पंचायत में सचिव है पति, फर्जी आईडी से निकाली राशी और खुद डकार गया।

अलीराजपुर जिले में पति ने पत्नी का 50 हजार रुपए में सौदा कर डाला। उसका एक से 3 साल का लड़का भी है। प्रताड़ित पत्नी ने मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचकर कलेक्टर को आपबीती सुनाई, महिला का कहना है कि पूर्व में तीन से चार बार पुलिस प्रशासन को इस मामले में शिकायत कर चुकी है। पति शासकीय नौकरी में है, जिसकी दबंगई के चलते उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

क्या है मामला

चंद्रशेखर आजाद नगर के ग्राम बेहड़वा निवासी एक महिला ने जनसुनवाई में पहुंचकर कलेक्टर से गुहार लगाई है। ग्राम बेहड़वा पंचायत के रोजगार सहायक सचिव केसर सिंह देवला जिसने महिला से दूसरी शादी की और पहली पत्नी के साथ मिलकर उसे अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करते थे। कुछ समय के बाद वह उससे आए दिन मारपीट करने लगे। 8 जुलाई 2022 को केसर सिंह और उसकी पत्नी चंदा ने मिलकर प्रताड़ित महिला को घर से उठवा कर 50 हजार में अन्य स्थान पर बेच दिया। वह अपनी जान बचाकर भागकर वापस गांव बड़ा भावटा आई।

खरिद दारो पर लगे यौन शोषण के आरोप

इस दौरान खरीददारों ने उसके साथ यौन शोषण किया।

महिला ने बताया कि वह पति के खिलाफ थाने में रिपोर्ट करने पहुंची, तो वह दबंगई के साथ थाने से उसे घसीटते हुए ले गया। उसके साथ मारपीट करने लगा और जान से मारने की धमकी दी। महिला ने सीएम हेल्पलाइन में भी इसकी शिकायत की, लेकिन इसकी सूचना मिलने पर पति ने जान से मारने की धमकी देकर शिकायत को बंद करवा दिया।महिला ने कहा कि केसर सिंह उस बच्चे को अपना नाम नहीं दे रहा है और ना ही मुझे पत्नी का दर्जा दे रहा है। मुझे घर से निकाल रखा है, मैं जब भी कोई शिकायत करती हूं तो आकर मुझे दोनों पति पत्नी मारते हैं। 

आवास योजना में किया घोटाला

महिला ने बताया कि पति केसर सिंह ने पंचायत सचिव के पद का दुरुपयोग कर उसके बैंक खाते से पीएम आवास में फर्जीवाड़ा कर गांव के किसी व्यक्ति का नाम डालकर फर्जी आवास आईडी pmayid-2053935 और 4603730 शंकर डावर पिता ईडला माता मलकी बताकर मेरे अकाउंट 08340100006832 से अवैध तरीके से पैसे भी निकाल लिए।

सवाल यह उठता है कि इस तरह की सिकायत मिलने के बाद पुलिस और जिला प्रशासन क्या एक्शन लेते हैं ये देखने वाली बात है वहीं सचिव द्वारा अपने पद का गलत स्तेमाल करके शासन को चुना लगाने का काम किया जा रहा है जिसका जाता जागता सबूत खुद उसकी पत्नी बता रही महिला है अब लगाए गये आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

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