अलीराजपुर तेजी से फैल रहे आई फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक जारी नही की एडवाइजरी

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अलीराजपुर तेजी से फैल रहे आई फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक जारी नही की एडवाइजरी

जिला चिकित्सालय में आय स्पेस्यलिस्ट डाक्टर भी मोजुद नहीं, ऐसे में कहा जाएंगे मरिज बड़ा सवाल।

आई फ्लू इंफेक्शन की चपेट में आ रहे लोग:स्वास्थ्य विभाग ने नही की जारी एडवाइजरी, जिला अस्पताल में आई स्पेशलिस्ट नही होने से जाना पड़ता गुजरात

 

अलीराजपुर भले ही सरकार स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होने का दावा करती हो, लेकिन अलीराजपुर जिले में हकीकत इससे बिल्कुल जुदा है। जिले में स्वास्थ्य सेवाए शुरू से गड़बड़ाती रही है, कभी डॉक्टरों के समय पर नहीं बैठने के कारण तो कभी डॉक्टरों की कमी के कारण। अस्पताल में एक भी नेत्र रोग विशेषज्ञ पदस्थ नहीं है। जिस कारण जिला अस्पताल में आंखों संबंधी बीमारी की परेशानी लेकर पहुंच रहे मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आई फ्लू के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। मौसम में हो रहे लगातार बदलाव के कारण आई फ्लू यानी कंजेक्टिवाइटिस संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इसको लेकर अभी तक स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी नही की है। नही कियी प्रकार का प्रचार प्रसार किया जा रहा है। सबसे बड़ी बात यह है। जिला अस्पताल होने के बाद भी यहाँ आई स्पेशलिस्ट नही है। रोजाना ओपीडी में करीब 50 से अधिक मरीज आ रहे हैं अस्पताल में समय पर डॉक्टर का नही आना यह भी कही ना कही अधिकारियों की लापरवाही नजर आ रही हैं। मरीजो को घंटों इंतजार करने के बाद भी बिना इलाज किये लौटना पड़ता है। जिससे मरीजो को बड़वानी,गुजरात,दाहोद,बड़ोदा, जाना पड़ता है। अधिकारी और जनप्रतिनिधियों द्वारा सिर्फ निरीक्षण किया जाता है। पर सुविधा जैसी की तैसी है। सिर्फ मिलता आस्वासन। अगर ये सुविधा जिला अस्पताल में मिलने लगे तो गरीब परिवार को बाहर जाने की जरूरत नही पड़े। जिससे पैसे और समय की भी बचत होगी। 

 

 

कंजेक्टिवाइटिस संक्रमण के लक्षण

आई फ्लू एक संक्रामक बीमारी है, इससे खासकर स्कूली बच्चे ज्यादा प्रभावित होते हैं। इससे आंखे लाल होकर सूज जाती है। आंखों से खून भी आ सकता है। आंखों में खुजली और जलन होती है। आंखों से लगातार पानी आता है। पलकों पर सूजन आती है, सब कुछ धुंधला नजर आता है। पलकें आपस में चिपक जाती हैं, जिससे तेज रोशनी खराब लगने लगती है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत प्रभाव से डॅाक्टर की सलाह लें। 

आय स्पेस्यलिस्ट नहीं होने से मरीज हो रहे हैं परेशान ऐसे से एमरजेंसी में डाक्टर एस एस बघेल अपनी सेवाएं दे रहे हैं और मरीजों का उपचार कर रहे हैं मगर फिर भी स्पेशलिस्ट होना आवश्यक है।

संक्रमण से बचाव के लिए क्या करें

 ज्यादा भीड़ भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना चाहिए। ऐसे लक्षण दिखने पर आंखों पर बर्फ की सिकाई करें, जिससे दर्द और जलन में राहत महसूस होगी। बार-बार ठंडे पानी से आंखों को धोना चाहिए। डॅाक्टर की सलाह से किसी एंटीबायोटिक ड्रॅाप का इस्तेमाल करें। संक्रमित व्यक्ति से दूरी बरतें और उसके द्वारा प्रयोग की गई चीजों का उपयोग करने से बचें। हवा में नमी से बैक्टीरिया, वायरस आसानी से रिप्लीकेट होते हैं। इससे बचाव के लिए जब भी बाहर जाएं चश्मा लगाकर जाएं। अपने दैनिक प्रयोग में होनी वाली चीजों को किसी के साथ शेयर न करें। ऐसे लक्षण दिखने पर आंखों को डॅाक्टर से दिखाकर उचित उपचार लेना चाहिए।

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