आफीया शाहिद मकरानी ने सिर्फ 6 साल की उम्र में रखा रोजा…..अमन चैन की मांगी दुआएं

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आफीया शाहिद मकरानी ने सिर्फ 6 साल की उम्र में रखा रोजा…..अमन चैन की मांगी दुआएं

अलीराजपुर की आफिया शाहिद मकरानी उम्र 6 वर्ष ने एक नन्हे रोजेदार ने रोजा रखकर खुदा की बारगाह में इबादत का आगाज़ किया है। रमजान-उल-मुबारक में

मुस्लिम समुदाय के लोग रोजा रखकर अल्लाह की इबादत में मशगूल है। रोजा, नमाज और तरावीह नमाज के साथ कुरआन की तिलावत कर रोजेदार अल्लाह को राजी करने में लगे है। इसी बीच कम उम्र के मासूम बच्चे भी रोजा रख अल्लाह की इबादत में मशगूल है। इसी कड़ी में आफिया शाहिद मकरानी उम्र 6 वर्ष की उम्र में पहला रोजा रखकर हर किसी को चौंका दिया आफीया ने पूरे परिवार के साथ पहले सहरी खाई, उसके बाद रोजे की नीयत कर रोजा रखा। पूरा दिन भूखा-प्यासा रहकर अपनी मम्मी के साथ नमाज़ भी अदा की। शाम के समय पूरे परिवार के साथ रोजा इफ्तार किया। 6 वर्ष की उम्र में पहला रोजा रखकर आफीया बेहद खुश है। शाम के वक्त हल्की प्यास का अहसास हुआ, लेकिन उस वक्त उसकी तब्बु सहित परिवार ने उसका हौसला बढ़ाया और आखिरकार तकरीबन 13 घंटे भुखा प्यासा रहकर 6 साल की आफीया ने पहला रोजा पुरा कर लिया जिसमें आफीया को उसकी बड़ी बहन मुस्कान जावेद मकरानी ने हर दम साथ दिया और आफीया का हिम्मत दिलाई सभी ने रोजदार को दुआएं देते हुए परिवार को मुबारकबाद पेश की है। इफ्तार के वक़्त पापा शाहिद मकरानी , मम्मी तब्बु, दादा निशार एहमद व दादी रेहमुन्नीशा, बड़े पापा जावेद मकरानी, बड़ी मम्मी रुबीना, बड़े पापा साजीद मकरानी4u , बड़ी मम्मी हीना साजीद ने दुआओ नवाजा।

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