जमीन नीलामी के सम्बंध में सरपंच,पटेल,तड़वी एवं ग्रामीणों के साथ जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रिंकुबाला डावर ने एसडीएम कार्यालय पहुँचकर सौंपा ज्ञापन

0 114
ad

जमीन नीलामी के सम्बंध में सरपंच,पटेल,तड़वी एवं ग्रामीणों के साथ जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रिंकुबाला डावर ने एसडीएम कार्यालय पहुँचकर सौंपा ज्ञापन

जोबट:- सोशियल मीडिया में पिछले कुछ दिनों से कार्यालय कलेक्टर (खनिज शाखा) जिला अलीराजपुर मध्यदेश का पत्र क्रमांक-/1228/खनिज/2022 अलीराजपुर दिनाँक 24-11-2022 एवं कार्यालय वनमण्डलाधिकारी सामान्य वन मंडल अलीराजपुर का पत्र क्रमांक /2022/मानचित्र / 3970 अलीराजपुर दिनाँक 01-12-2022 तथा संचालनालय भौमिकी तथा खनिज कर्म मध्यप्रदेश 29 ए खनिज भवन अरेरा हिल्स भोपाल का पत्र क्रमांक-2895-96 भौमिकी /न.क्र./ 2023 दिनाँक 13-03-2023 उक्त तीनों पत्रों के माध्यम से खनिज विभाग द्वारा जी-4 श्रेणी ब्लाकों को खनिज नीलाम नियम 2015 के प्रावधान अनुसार निर्वतन की कार्यवाही संपादित करने के लिए प्रस्तावित ग्राम छोटी जुवारी,बड़ा गुडा एरिया (इनहेक्टयर)(900) उबलड,चगदी एरिया (इन हेक्टयर) (970) बेटवासा एरिया (इनहेक्टयर) 600,नेहतड़ा एरिया (इनहेक्टयर) 960 इस प्रकार से सम्बंधित ग्रामों की जमीन नीलामी अधिग्रहित की जाना प्रस्तावित हैं जिसकें सम्बन्ध में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व जोबट से वस्तुस्थिति एवं वायरल पत्रों से सम्बंधित जानकारी लेने के लिए सम्बन्धीय ग्रामों के सरपंच,तड़वी,पटेल,एवं मध्यप्रदेश महिला कांग्रेस सचिव श्रीमति अनिता गाड़रिया तथा जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रिंकुबाला-लालसिंह डावर भी पहुंचे।

उक्त वाइरल पत्रों के संदर्भ में एसडीएम महोदय से जिले से आये हुये खेडूत मजदूर चेतना संगठन के श्री शंकरसिंह तड़वाल दादा एवं जयस प्रदेश प्रभारी मुकेश रावत एवं जयस जिला अध्यक्ष अरविंद कनेश ने वायरल पत्रों के बारे में पूछा कि उक्त पत्रों की सत्यता क्या है। जिसके सम्बन्ध में एसडीएम महोदय ने कहा कि वाइरल पत्र कोई फर्जी नही है,उक्त ग्रामों का जो सर्वे हुआ है। वह हवाई जहाज से हुआ था,जिसमें उक्त गांवों में खनिज होना पाया गया।लेकिन इन पत्रों की जानकारी मुझे नहीं है। जिसकें सम्बन्ध में श्रीमती रिंकुबाला डावर ने कहा कि यदि आपको इन पत्रों की जानकारी नही थी, तो के द्वारा ग्राम बड़ा गुडा में ग्राम सभा की बैठक में जाकर आपने कैसे कहा दिया कि ये अफवाह हैं और ये वाइरल पत्र भी फर्जी है।मेरे दुवारा कलेक्टर महोदय से भी उक्त वाइरल पत्रों वस्तुस्थिति की जानकारी के लिए पत्र लिख कर जानाकरी माँगी गई हैं।मुझे अभी कोई जवाब नही मिला हैं और आप किस आधार पर ग्रामीणों के बीच जाकर पत्र को फर्जी एवं अफवाह बता रहे है ये एक जिम्मेदार अधिकारी को सोभा नही देता है।उपस्थित ग्रामीणों ने वाइरल पत्रों के आवाज/जावक क्रमांक लिखकर एसडीएम महोदय से माँगने लगे,जिसके सम्बंध में महोदय ने कहा की मेंने जिला खनिज विभाग से जारी प्रेस नोट के आधार पर बोल दिया था,ओर में लिखकर नही दे सकता हूँ,उक्त वाइरल पत्र कोई फर्जी नही है। लेकिन ग्राम सभा के प्रस्ताव- ठहराव के माध्यम से ही जमीन ली जाएगी। जिसके बारे में जयस प्रदेश प्रभारी मुकेश रावत ने कहा कि क्या सरकार ग्राम सभा से पहले बात करना जरूरी नही समझती है पेसा एक्ट को नहीं मानती है।भोपाल स्तर से ही जिले में जमीन नीलामी की पूर्ण तैयारी कैसे हो हो सकती हैं। क्या स्थानीय विधायक एवं सांसद महोदय को इसकी जानकारी नही हैं। सरकार आदिवासियों के विकास के नाम पर हमारी जमीन छीनकर उद्योगपतियों को देना चाहती है। सरकार एक हाथ से देती हैं और दूसरे हाथ से छीन लेती है। उक्त चर्चा के बाद ग्रामीणों ने किसी भी कीमत पर गांव की जमीन नही देने के लिए अपने अपने ग्राम में ग्राम सभा में पारित प्रस्ताव-ठहराव एवं ज्ञापन सौंपा गया है।इस अवसर पर सरपंच अमरसिंह पटेल, फतेहसिंह कछुआ, मोतेसिंह भूरिया, सरपंच पवन कछुआ, पाताल बघेल, दीपक गाड़रिया,भीकू चौहान, थानसिंह बघेल, सुनील भाई, सहित भारी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहें।

Leave A Reply

Your email address will not be published.