जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रिंकुबाला डावर ने जिला कलेक्टर महोदय को पत्र जारी कर सोशियल मीडया में जमीन नीलामी के नाम से वाइरल पत्रों की वस्तुस्थिति की जानकारी मांगी है।

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जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रिंकुबाला डावर ने जिला कलेक्टर महोदय को पत्र जारी कर सोशियल मीडया में जमीन नीलामी के नाम से वाइरल पत्रों की वस्तुस्थिति की जानकारी मांगी है।

अलीराजपुर-जोबट :- सोशियल मीडिया में पिछले कुछ दिनों से कार्यालय कलेक्टर (खनिज शाखा) जिला अलीराजपुर,

मध्यदेश का पत्र क्रमांक-/1228/खनिज/2022 अलीराजपुर दिनाँक 24-11-2022.एवं कार्यालय वनमण्डलाधिकारी सामान्य वन मंडल अलीराजपुर का पत्र क्रमांक /2022/मानचित्र/ 3970 अलीराजपुर दिनाँक 01-12-2022.तथा संचालनालय भौमिकी तथा खनिज कर्म मध्यप्रदेश 29ए खनिज भवन अरेरा हिल्स भोपाल का पत्र क्रमांक-

2895-96 भौमिकी /न.क्र./ 2023 दिनाँक 13-03-2023. उक्त तीनों पत्रों के विषय मे जो पत्र में प्रस्तावित ग्राम छोटी जुवारी,बड़ा गुडा एरिया

 

(इनहेक्टयर)(900)उबलड,चगदी एरिया(इन हेक्टयर)(970) बेटवासा एरिया(इन हेक्टयर) 600,नेहतड़ा एरिया(इन हेक्टयर) 960 की जमीन नीलामी हेतु पत्र में उल्लेखित किया गया है। जिला पंचायत सदस्य रिकूबाला डावर ने कहा कि किसके संबंध में मुझ से ग्रामीण भाई बहनों के द्वारा फोन,मैसेज एवं मिलकर जमीन अधिग्रहण के संबंध में जानकारी मांगी जा रही है। मुझे भी उक्त प्रकरण के सम्बंध में प्रमाणित जानकारी नही होने से मेरे दुवारा कलेक्टर महोदय को अपने लेटर पेड़ के माध्यम से उक्त वाइरल पत्रों के संदर्भ में प्रमाणित जानकरी चाही गयी है। ताकि जो ग्रामीणों में जमीन नीलामी का डर का माहौल बना हुवा है। इन्हें वस्तुस्थिति से अवगत करवाया जा सके। सरकारें आती है,जाती है। एक हाथ से देती है,और दूसरे हाथ से छीन लेती है। सरकारें नए- नए नियम बनाकर जनता पर जबरन थोपने का कार्य करती है। जनता को कानूनी डर दिखाकर उसका पालन करवाया जाता है। विकास के नाम पर हजारो आदिवासियों को जमीन से बेदखल कर दिया गया है,जिसके कई उदाहरण देखे जा सकते है। जबकि वास्तविकता यह है की जमीन मालिक को उस उद्योग में मजदूरी तक नही मिलती जिसका सीधा उद्यगपतियो को लाभ पहुंचना जाता है।निजीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। हमारी जमीन हमारे पुरखे रूखी सुखी रोटी खाकर बचाकर रखी है। हमारी जमीन पर सरकार की नजर है। उसके लिए हम पूरी लड़ाई संवैधानिक तरीके से ही लड़ेंगे। हमे पता है कि हमारे लोगों को उकसा कर गलत कदम उठाने पर मजबूर कर उन पर कार्यवाही कारवायी जाती है उससे डरने वाले नही है।यदि हमारी जमीन छिनती है,तो हमारा अस्तित्व मिट जाएगा।

संबधित ग्रामों में उक्त वायरल पत्रों के बारे में जानकारी लगने पर गांवों में बैठकों का दौर चालू हो गया है किसी भी कीमत पर जमीन देने के लिए ग्रामीण तैयार नही है। बैठकों में मुझे एक जनप्रतिनिधि होने के नाते जाना होता है। ओर हमे सच्चाई का पता चल सके इसके लिए कलेक्टर महोदय को पत्र लिखा है। लेकिन प्रशासन के जवाबदार भी बैठकों में जाकर इन आदेशों को फर्जी बताकर ग्रामीणों को शांत करने में लगे हुये है,और यह भी बता रहे है कि जमीन लेने के पहले ठहराव प्रस्ताव लिए जायेंगे लेकिन आपकी इतनी सारी कार्यवाही ग्राम सभा के पूछे बगैर पत्र कैसे जारी कर दिए गए,उस पर अधिकारी मौखिक जानकारी दे रहे हैं लिखित में नही दे रहे हैं।उक्त आदेशों का हवाला देकर जवाब देना चाहिए। पिछले समय भी ग्राम देहदला में एक किसान वर्षो से खेती कर रहा था।जिसमे प्रशासन ने नगर का कूड़ा कचरा फेकने के नाम पर बड़े विरोध के बाद भी भरी फसल में जेसीपी चलाकर छीन ली गयी थी। अंत मे सेशन कोर्ट के माध्यम से पता चला कि उस जमीन का ठहराव प्रस्ताव ले लिया गया था। जब ऊपर से कोई दबाब आता है। तो अधिकारी अपना यही डराने धमकाने कार्यवाही करने का तरीका अपनाते है। अतः ग्रामीणों ने ग्रामवार ग्राम सभा कर बैठक में निर्णय लिया है। ग्राम सभा में जमीन नही देने के प्रस्ताव पारित किया जाकर जोबट अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को आसपास ग्रामों के सभी ग्रामीण मिलकर ठहराव प्रस्ताव देने एवं उक्त आदेशों के बारे में लिखित में जानकारी माँगने को लेकर दिनाँक 29-03-2023 को जोबट बाग रोड माता जी मंदिर पर एकत्रित होकर जोबट के मुख्य मार्गों से होकर sdm कार्यालय पहुँचकर sdm महोदय को ज्ञापन,व ठहराव प्रवास्तव सोपेंगे।

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