मां नर्मदा शासकीय महाविद्यालय, सोंडवा में राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन

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मां नर्मदा शासकीय महाविद्यालय, सोंडवा में राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन

मां नर्मदा शासकीय महाविद्यालय, सोंडवा में प्राचार्य डॉ. भूपेंद्र तिवारी के निर्देशन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप विद्यार्थियों में अनुसंधान की जागरूकता बढ़ाने के लिए *अनुसंधान की आधुनिक प्रवृत्तियां* विषय पर एकदिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन दिनांक 22/01/2023 को किया गया। संगोष्ठी का शुभारंभ देवी सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन तथा माल्यार्पण से हुआ। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य महोदय ने कहा कि महाविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों का समग्र और सर्वांगीण विकास करना है। इस हेतु रिसर्च को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे है ताकि विद्यार्थियों में रिसर्च एप्टीट्यूड विकसित हो जिससे वे देश तथा विश्व की तरक्की में योगदान दे सके। इस संगोष्ठी में शासकीय माधव विज्ञान स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. वी. के. गुप्ता ने मुख्य वक्ता के रूप में अपना उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 इंटरडिसिप्लीनरी रिसर्च को बढ़ावा देने में सहायक होगी। इसमें भारतीय गणित, विज्ञान तथा भारतीय प्राचीन ज्ञान का समायोजन हैं। रिसर्च गुणवत्तापूर्ण तथा अनुप्रयोग आधारित होनी चाहिए इसके नाम पर खानापूर्ति नही होनी चाहिए। आंकड़ों को दर्शाने हेतु सांख्यिकीय विधियों का प्रयोग करना चाहिए। उन्होंने अनुसंधान के विभिन्न आयामों का परिचय देते हुए कहा कि सोंडवा, अलीराजपुर, झाबुआ जैसे जनजातीय क्षेत्रों में सोशल एक्शन रिसर्चर की बहुत संभावनाएं हैं। शोधार्थी एवं शोधकर्ता को रचनात्मकता और नवाचार का प्रयोग करते हुए अपने शोध के माध्यम से समाज की समस्याओं का हल निकालना चाहिए । प्रशासन इन शोधों से निकले निष्कर्षों का प्रयोग शासकीय योजनाओं को बनाने में कर सकता हैं। उन्होंने कहा की इस क्षेत्र बहुत प्रतिभाशाली है जरूरत है तो सिर्फ उन्हें तराशने की। दूसरे मुख्य वक्ता बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के प्राचीन भारतीय इतिहास एवं संस्कृति विभाग, वाराणसी के सहायक प्राध्यापक डॉ. विनय कुमार ने अपने उद्बोधन में कहा की अनुसंधान समाज के उत्थान और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है इसलिए युवा विद्यार्थियों में शोध की प्रवृत्ति विकसित किया जाना आवश्यक हैं। उन्होंने क्रियात्मक और पारदर्शी अनुसंधान करने जोर दिया तथा कहा की हमें अनुसंधान की प्रेरणा हमारे दैनिक जीवन तथा सामाजिक परिस्थितियों से ही मिलती हैं। इसके पश्चात शोध पत्र प्रस्तुतिकरण प्रम्भ हुआ। माखनलाल चतुर्वेदी शासकीय स्नातकोत्तर कन्या महाविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राकेश परमार ने अनुसंधान की आधुनिक प्रवृत्तियां विषय पर अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया। इसके पश्चात आदाराम डावर ने जनजातीय समाज की संस्कृति, समस्या और विकास योजनाएं, मां नर्मदा पशासकीय महाविद्यालय सोंडवा के सहायक प्राध्यापक डॉ. मुकेश अजनार ने गैर सरकारी संगठनों का अनुसूचित जनजातीय विकास में योगदान का अध्ययन विषय पर शोध पत्र प्रस्तुत किया। दूसरे सत्र में डॉ. ममता पाल, डॉ. बी. एस. डामोर, डॉ. सविता सिंह, राजेश नावड़े आदि प्राध्यापकों और शोधार्थियों ने अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया। प्राचार्य महोदय द्वारा डॉ. गुप्ता का शॉल श्रीफल देकर अभिनंदन किया गया। तत्पश्चात महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका आरोहण के तृतीय अंक का विमोचन सम्माननीय अतिथियों डॉ. गुप्ता, जोबट महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सखाराम भूरिया, डॉ. भाबरा महाविद्यालय प्राचार्य सरदारसिंह डोडवे द्वारा किया गया। उक्त सेमिनार का संयोजन और संचालन प्रो. नीलम पाटीदार ने किया। आयोजन में प्रो. राजेश बारिया, डॉ. मुकेश अजनार, प्रो. सायसिंह अवास्या, डॉ. गीतांजलि वर्मा, डॉ. विशाल देवड़ा, श्रीमती कविता चौहान, श्रीमती पूजा वर्मा, श्री मोहनकुमार डोडवे का सहयोग रहा। अंत में महाविद्यालय की आई क्यू ए सी सेल प्रभारी प्रो. तबस्सुम कुरैशी ने आभार व्यक्त किया।

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